जानिये अपने स्मार्ट फ़ोन को (smart phone basics in hindi)
मोबाइल और खास कर के स्मार्ट फ़ोन आजकल सभी लोग उपयोग में लाते हैं. स्मार्ट फ़ोन को काफी रख-रखाव की जरुरत होती हैं क्योंकि स्मार्ट फ़ोन केवल किसी दूरभाष यन्त्र की तरह उपयोग में नहीं लाया जाता. स्मार्ट फ़ोन की ताकत उसके ऐप में होती है और कुछ समय तक उपयोग करने के बाद फ़ोन का व्यव्हार बदलने लगता है। उसके काम करने की गति में कमी आती है इंटरनेट का पेज खुलने में ज्यादा समय लगने लगता है. फ़ोन की मेमोरी कम होने लगती हैं। इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए स्मार्ट फ़ोन के रख रखाव की जरुरत होती है। अगर रख रखाव न किया गया तो स्मार्ट फ़ोन के उपयोग में समस्याएं आने लगती हैं और उनका समाधान भी अधिकतर काफी ही आसान होता है। इन विषयों पर काफी बातें इंटरनेट में उपलब्ध हैं लेकिन अधिकतर अंग्रेजी में हैं। स्मार्टफोन भारत के कोने कोने में पहुँच चूका है और सभी आयु के लोग इसका उपयोग करते हैं। हिंदी के कीबोर्ड के आने के बाद से स्मार्ट फ़ोन का उपयोग करने के लिए अंग्रेजी की जरुरत काफी कम हो गई है। इस ब्लॉग का प्रयास यही है की आपको आपके स्मार्ट फ़ोन का रख रखाव करने के लिए अंग्रेजी की जरुरत न पड़े। साथ ही किसी प्रकार की समस्या आने पर सरल उपाय भी सुझाये जायेंगे।
स्मार्ट फ़ोन के रख रखाव, समस्याओं और समाधान के बारे जानने के पहले हमें स्मार्ट फ़ोन के विविध प्रकारों में जानना बड़ा आवश्यक है। स्मार्ट फ़ोन में लैंड-लाइन या आम मोबाइल के मुकाबले क्या विशेषता होती है? इस विषय में तकनीकी गहराइयों में न जाते हुए साधारण भाषा में हम इतना कह सकते हैं की स्मार्ट फ़ोन याने मोबाइल फ़ोन और कंप्यूटर का मिश्रण। कंप्यूटर मुख्यतः २ प्रकार से उपयोग में लाया जाता है पहला मनोरंज और दूसरा तकनीकी अनुसन्धान (टेक्निकल रिसर्च)।
आप लोगो ने जो अधिकतर कंप्यूटर देखे होंगे वे मनोरंजन के लिए उपयोग होने वाले कंप्यूटर ही है। ये आम तौर पर गाने सुनने, फिल्म देखने, इंटरनेट सर्फिंग, मेल चेक करना, चैटिंग करना या वीडियो गेम खेलने के लिए उपयोग में लाये जाते हैं। तकनीकी अनुसन्धान के लिए उपयोग होने वाले कंप्यूटर आम कंप्यूटर जैसे ही दिखते हैं लेकिन उनमे प्रोसेसिंग पावर (गणन क्षमता) और मेमोरी ज्यादा होती है साथ ही उनमे कई विशिष्ट प्रोग्राम लोड किये जाते हैं जो तकनीकी अनुसन्धान के लिए ही बने होते हैं। स्मार्ट फ़ोन मनोरंजन के लिए उपयोग किये जाने वाले कंप्यूटर और एक आम फ़ोन का मिश्रण होता है।
लेकिन इसके तुरंत बाद अगला सवाल ये आएगा की फिर लोग मनोरंजन के लिए कंप्यूटर खरीदना बंद ही कर देंगे। असल में इस सवाल का जवाब हाँ है। लोगों आजकल सिर्फ मनोरंजन के लिए कंप्यूटर खरीदना कम कर दिया है। स्मार्ट फ़ोन पर सस्ते में उन्हें अधिकांश सुविधाएँ उपलब्ध हो ही जाती है। लेकिन फिर भी कंप्यूटर या लैपटॉप के कुछ फायदे हैं जिसके कारण स्मार्ट फ़ोन फ़ोन का पूरी तरह पर्याय नहीं बन सकता। कंप्यूटर में बड़ी स्क्रीन होती है, ज्यादा प्रोसेसिंग पावर होती है और ज्यादा मेमोरी होती है। साथ ही CD /DVD ड्राइव और USB पोर्ट होता है जिससे दूसरी डिवाइस जैसे प्रिंटर या कैमरा उससे कनेक्ट हो सकते हैं. स्मार्ट फ़ोन इस तरह की सुविधा नहीं होती.
अब हम स्मार्ट फ़ोन के विभिन्न अंगों की बात करेंगे।
१. प्रोसेसर (संगणक) : हर स्मार्ट फ़ोन में एक चिप लगी होती है जो उस फ़ोन का मस्तिष्क होता है. स्मार्ट फ़ोन का हर फंक्शन चाहे वो, वीडियो देखना हो, या किसी से बात करनी हो या कोई ऐप डाउनलोड करना हो इसी प्रोसेसर से नियंत्रित होता है.
२. मेमोरी (स्मरण क्षमता): स्मार्ट फ़ोन में मेमोरी ३ प्रकार से उपयोग में लायी जाती है।
- १. आपका डाटा (फोटो/वीडियो/गाने) स्टोर करने के लिए: आप जो भी गाने, मैसेज, वीडियो या फोटो फ़ोन पर देखते हैं वो फ़ोन की मेमोरी पर स्टोर हो जाता है। वीडियो सबसे ज्यादा मेमोरी खाते हैं, उसके बाद ऑडियो, फिर फोटो और फिर मैसेज जो सबसे काम मेमोरी कहते हैं.
- २. ऐप या प्रोग्राम्स स्टोर करने के लिए: आप जो भी प्रोग्राम या एप डाउनलोड करते हैं वो भी स्मार्ट फ़ोन की मेमोरी का कुछ हिस्सा घेर लेते हैं.
- ३. प्रोसेसिंग के दौरान इस्तेमाल के लिए: किसी भी प्रोसेसिंग जैसे की कोई वीडियो चलाना या कोई मैसेज रिसीव करना, स्मार्ट फ़ोन को थोड़ी मेमोरी की आवश्यकता होती है जो प्रोसेसिंग खत्म होने के बाद प्रोसेसर वो मेमोरी मुक्त कर देता है। कैसे आप कैलकुलेटर पर कोई हिसाब कर रहे हैं तो कभी कभी आप कैलकुलेटर के मेमोरी फंक्शन का उपयोग करते हैं और सारा हिसाब होने के बाद उसे डिलीट कर देते हैं वैसे ही प्रोसेसर को अपना हिसाब करने के लिए जरुरत पड़ती है. कितनी मेमोरी की जरुरत पड़ सकती है ये एप और क्या प्रोसेसिंग की जा रही है इस पर निर्भर करता है।
४. इंटरफेस : स्मार्ट फ़ोन को दूसरे फ़ोन से, इंटरनेट से या किसी और डिवाइस से कनेक्ट करने के कईं साधन होते हैं। जैसे की ब्लूटूथ (दूसरे फ़ोन से) या wifi (इंटरनेट).
आपके फ़ोन का दिमाग होता है प्रोसेसर और विचार होते हैं ऐपस। मेमोरी स्मरण शक्ति है जो सभी चीज़ों को संग्रहित करके रखती है. इंटरफ़ेस इन्द्रियां है जिससे स्मार्ट फ़ोन मनुष्यों से या दूसरे devices से जुड़ता है। और उसका आवरण स्क्रीन आदि त्वचा और अस्थियां है। तो पांच तत्वों से बनता है आपका स्मार्ट। फ़ोन। आपके स्मार्ट फ़ोन में होने वाली कोई भी गड़बड़ इन्ही पांच तत्वों में से किसी के दोष के करना उभरती है। जिसके बारे में हम आगे देखेंगे।
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